वैदिक ज्योतिष और रत्न





 
          


वैदिक ज्योतिष और रत्न
वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के पांच प्रकार से उपाए किये जाते है।
मंत्र , रत्न , दान , स्नान , ओषधि।
हम यहाँ रत्न के बारे में बात करते है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्मकुंडली के लग्न , चन्द्र लग्न , और सूर्य लग्न के अधिपति की स्थिति , इन तीनो लग्नो में जो सबसे मजबूत स्थिति में हो ,उसके अनुसार उसके स्वामी गृह के रत्न का चुनाव किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार विभिन्न ग्रहों की शुभता को बढ़ाने के लिए रत्न धारण किया जाता है , इसलिए कुंडली में जो केंद्र और त्रिकोण के शुभ स्वामी हो , जो योगकारक गृह हो उसके शुभत्व को बढ़ाने के लिए उस गृह से सम्बंधित रत्न का चुनाव करना सबसे श्रेष्ठ है।
अनेको बार मेरे पास जातक आते है जिनको कई बार में गलत रत्न धारण किये हुए देखता हूँ , मैं हैरान होता हूँ की कई बार मेरे मित्र ज्योतिष सिर्फ महादशा के अनुसार ,या चन्द्र राशि के अनुसार रत्न पहना देते है जिससे जातक को लाभ की बजाये नुकसान ही होता है ,और वो रत्न का व्यय भी बेकार हो जाता है।
लोग शनि और उसके रत्न नीलम से बहुत डराए गए है जबकि मेरे अनुभव से राहु और उसका रत्न गोमेद कभी भी सही जाँच पड़ताल किये बिना नहीं पहनना चाहिए। राहु और उसका रत्न तीव्र फल ,अचानक फल देता है ,राहु का स्वभाव भी कुंडली में उसकी स्थिति ,भाव , सम्बन्ध के अनुसार ही देखा जाता है , उसका अपनी कोई राशि तो है नहीं , इसलिए राहु का रत्न बहुत ध्यान से बताना पड़ता है। कभी कभी लोग मोती को सिर्फ गुस्सा शांत करने का रत्न समझकर पहन लेते है लेकिन यदि चन्द्र भाव या चन्द्र स्थिति ६ , ८ , १२ हुई तो यही मोती व्यक्ति को डिप्रेशन भी दे देता है।
इसी प्रकार विभिन्न लग्नो और ग्रहों के लिए रत्न बहुत सावधानी से जन्मपत्रिका की पूर्ण जाँच करके ही पहनना चाहिये।
किसी भी प्रकार के समस्या के निवारण के लिए ,ज्योतिष , वास्तु , राशि रत्न , रुद्राक्ष , मंत्र अनुष्ठान , उपाए , सम्बंधित सलाह के लिए संपर्क करें।
Acharya Anil Verma
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Tourmaline -तुरमुली




Tourmaline -तुरमुली -यह पत्थर अनेको रंगो मैं निकलता है ,इसका सदियों से ज्योतिष विभिन्न रंगो के अनुसार अलग अलग ग्रहों की ऊर्जा प्राप्त करने के लिए करते आ रहे है ,लेकिन काली तुरमुली का प्रयोग प्राचीन समय से गृह बाधा के अलावा काला  जादू , ऊपरी हवा , बुरी नज़र के बचाव के लिए किया जाता रहा है , अघोर साधना करने वाले तांत्रिक अपनी किर्या करने से पहले ही इसे सिद्ध करके सुरक्षा कवच की तरह पहनते आ रहे है ,इस पर वास्तु आ ज्योतिष के अनुसार बहुत शोध के बाद हमने इसके अंगूठियों पे पहनने के अलावा वास्तु में भूमि शोधन ,मकान , दुकान , फैक्ट्री आदि में बुरी नजर , किया कराया , भुतबाधा ,काला जादू आदि से बचाव के लिए इसके कच्चे जमीं से निकले हुए टुकड़ो को विभिन्न स्थल मैं जमीं में गड़वाने और विभिन्न दिशाओं मैं बड़े बड़े टुकड़े रखवाने का प्रयोग किया जिसमे हमे ९०% से अधिक सफलता प्राप्त हुई , इस पत्थर के लगने से काला  जादू ,बुरी नजर से बचाव मैं बहुत आश्चर्यजनक परिणाम प्राप्त हुए। साथ ही इस पत्थर को तराश  कर और पोलिश करके अंगूठियों और पैंडल के रूप में पहनने से भी बहुत अच्छे परिणाम मिलते है। 
इसके बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए व इसे कैसे लगाए या पहने इसके लिए संपर्क करें -
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GOLDEN PYRITE -मुर्ख सोना एक खनिज क्रिस्टल

      


GOLDEN PYRITE -मुर्ख सोना एक खनिज क्रिस्टल
The mineral pyrite, or iron pyrite, also known as fool's gold, is an iron sulfide with the chemical formula FeS2. This mineral's metallic luster and pale brass-yellow hue give it a superficial resemblance to gold, hence the well-known nickname of fool's gold. The color has also led to the nicknames brass, brazzle, and Brazil, primarily used to refer to pyrite found in coal.) FROM WIKIPEDIA
Pyrite Healing Properties:-Intelligence ,Mental stability , Logic , Creativity , Psychic development , Memory , Practicality ,Optimism , Channeling abilities , Learning and Perception
खनिज पाइराइट या लोहे का पाइराइट एक खनिज पत्थर है इसे मुर्ख सोने के रूप में जाना जाता है ,लोहे का सल्फाइड का केमिकल फार्मूला FES2 है। यह खनिज बिल्कुल सोने के तरह दीखता है इसे देखकर लोग इसे सोना ही समझ लेते है शायद इसीलिए इसे मुर्ख सोना भी कहा गया है। 
इस पत्थर की विशेषता है की यह सोने की चमक के साथ वजन मैं भार भी लिए हुए है। इस खनिज पर वर्षो की खोज और मेहनत के बाद इसके गुणों के पहचान की गई तब इसका इस्तेमाल मैडिटेशन ,ह्रदय चक्र , विशुद्ध चक्र और आज्ञा चक्र पर बहुत अच्छा अनुभव हुआ। इसकी खासियत की इसमें अग्नि और पृथ्वी तत्व के गुण बहुत अधिक मात्र मैं पाए गए ,इसका वास्तु में प्रयोग करने पर बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त हुए। इस खनिज पत्थर से धन , बुद्धि, दिमागी संतुलन, याद्दाशत , शारीरिक मजबूती , ध्यान ,काम करने की शक्ति , काम भाव , आपका दूसरे व्यक्ति पर प्रभाव , बातचीत का संतुलन , व्यापर में प्रगति , के साथ हर प्रकार की नकरात्मक ऊर्जा को खत्म करने में बहुत कारगर रहा है। 
इस खनिज के इस्तेमाल के तरीके से की प्रकार लाभ लिया जा सकता है इसके लिए आप हमसे मिलकर बात करके इसे प्राप्त करके इसकी सकरात्मक ऊर्जा का लाभ ले सकते है। 
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CITRINE -SUNELA सुनेला वास्तु अनुसार उपयोग


     




CITRINE -SUNELA सुनेला - हिंदी में इसे सुनेला के नाम से जाना जाता है , इस रत्न के बारे मैं अधिकतर लोगो को पता है की इसे पुखराज के बदले मैं अंगूठी मैं पहना जाता है , इसे बृहस्पति गृह की शुभता के लिए धारण किया जाता है।  परन्तु इसके अलावा इस पत्थर  की कच्चे टुकड़ो को वास्तु अनुसार भी इस्तेमाल करना बहुत शुभ होता है , इसके प्राकृतिक गुणों की वजह से इस रत्न से विद्या , ज्ञान, शांति , मानसिक शांति , धन ,स्वस्थ्य ,विवाहिक सम्बन्धो की मजबूती , संतान सुख , नजर दोष सुरक्षा के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है ,यह रत्न पिले रंग की आभा लिए बहुत सूंदर रंग बिखेरता है ,इसमें बृहस्पति गृह के समस्त गुण विद्यमान होते है , जिस प्रकार ज्योतिष में बृहस्पति को ज्ञान, धन,संतान, विवाह का कारक मन गया है उसी प्रकार सुनेला भी इन सभी गुणों के प्रभाव को बढ़ाने का सामर्थ्य रखता है ,  सूर्य की किरणों से सम्बन्ध करके यह बहुत शुभ फल देता है ,इसके टुकड़ो को मेज के मध्य , पढ़ने की मेज पर , व्यापर स्थल पर ,बैडरूम , भोजन कक्ष ,उत्तर , उत्तर पूर्व , पूर्व  दिशाओं के दोषों को सुधारने के लिए इस्तेमाल होता है। इस रत्न से कुण्डलनी के  स्वाधिष्ठान चक्र व मणिपुर  चक्र को जाग्रत करने में मदद मिलती है।
स्वाधिष्ठान चक्र लिंग मूल में है । उसकी छ: पंखुरियाँ हैं । इसके जाग्रत होने पर क्रूरता,गर्व, आलस्य, प्रमाद, अवज्ञा, अविश्वास आदि दुर्गणों का नाश होता है ।
 मणिपूर चक्र - नाभि में दस दल वाला मणिचूर चक्र है । यह प्रसुप्त पड़ा रहे तो तृष्णा, ईष्र्या, चुगली, लज्जा, भय, घृणा, मोह, आदि कषाय-कल्मष मन में लड़ जमाये पड़े रहते हैं ।
इस रत्न के अंगूठी मैं पहनने , वास्तु अनुसार उपयोग करने , और अन्य लाभ प्राप्त करने के लिए हमसे सलाह लेकर प्राप्त करें
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Amethyst कटेला


       





Amethyst कटेला , जमुनिया ये पत्थर जमीन के अत्यन्त गहरी पर्तो से निकलता है , इसका रंग नीली आभा लिए होता है , अनेको आभूषणो में इसका इसका प्रयोग सदियों से होता आया है , इसको कुट्टिंग पोलिश करके सूंदर बना कर अगूंठी बनवा कर शनि गृह की शांति के लिए , नजर दोष से बचने के लिए भी पहना जाता है , विदेशों में इसकी बड़े बड़े सूंदर टुकड़ो के आभूषण , मालाएं , बहुत शौंक से पहनते है , 
हमारी वर्षो के मेहनत , खोज और अनेको प्रयोगों के बाद अब हम 
इसी पत्थर को अब वास्तु दोष निवारण , बुरी नजर से बचाव , व्यापर या फैक्ट्री में बार बार रुकावट , बंद कारोबार , शनि के शुभ प्रभाव के लिए घरों में , व्यापर स्थल , फैक्टरियों में वहां का वास्तु दोष देखकर इसी पत्थर के बड़े बड़े टुकड़े जो रफ़ बिना कुट्टिंग के सीधे जमीन से निकलते है उनको सही दिशा मैं रखवाते है ,या इसके छोटे छोटे बिना कुट्टिंग के टुकड़े सही दिशा अनुसार जमीन में फर्श के निचे दबवाते है ,इस कटेले पत्थर को पोलिश किया हुए बॉल गेंद के रूप में भी रखा जाता है। बड़ी बड़ी चट्टानें सजावट में बहुत सूंदर दिखती है।
यह पत्थर हर प्रकार की बुरी नजर, किया-कराया , नकरात्मक ऊर्जा को तुरंत खत्म करने मैं सक्षम है , व इसके बड़े बड़े टुकड़े घर में सजावट की तरह रखवाए जाते है।
किसी भी प्रकार की ज्योतिष वास्तु सलाह के लिए संपर्क करें
आचार्य अनिल वर्मा
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Rose Quartz गुलाबी स्फटिक

                                  


Rose Quartz गुलाबी स्फटिक ये पत्थर गुलाबी रंग की आभा लिए असली स्फटिक जो पृथ्वी के अत्यन्त निचे विस्फोट करके निकल जाता है। इसकी सूंदर पोलिश कटाई करके इसको आभूषणो में जड़वा कर भी पहना जाता है। इसको प्रेम का प्रतिक भी कहा जाता है। वास्तु अनुसार घर के शयन कक्ष मैं दक्षिण पूर्व स्थान पर रखने से इसके बहुत अचे परिणाम मिलते है , इसके अलावा इसको नाभि पर रखकर धयान करने से ह्रदय चक्र शुद्ध होता है और दिलो मैं आई दूरियां , गलतफहमियां ठीक होती है। 
पति पत्नी के सम्बन्धों मे आई दरार दूर होकर प्रेम का ,उल्लास का मधुर वातावरण बनता है , ये घर की समस्त नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करके सकरात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनता है।
किसी भी प्रकार के वास्तु दोष निवारण , जन्मपत्री विश्लेषण ,समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क करें ,हमारे यहाँ असली शुद्ध राशि रत्न व विभिन्न सकरात्मक ऊर्जा प्रवाह के असली स्फटिक मिलते है।
आचार्य अनिल वर्मा
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विध्यार्थियों के लिए

परीक्षा करीब हैं और तनाव बढ़ रहा है तो अपने मन को एकाग्र कीजिए। अपने आप पर भरोसा रखें और मां सरस्वती के इन मंत्रों को कहीं लिख कर रख लीजिए। यह मंत्र यूं तो सरल है आसानी से याद हो जाते हैं लेकिन अगर आप याद ना कर सकें तो इन्हें लाल स्याही से लिखकर स्टडी टेबल या दीवार पर पर लगा लीजिए। पूरे समय इन पर ध्यान रहेगा तो याद भी हो जाएगा। आइए पढ़ें मंत्र..... 
'ॐ शारदा माता ईश्वरी मैं नित सुमरि तोय हाथ जोड़ अरजी करूं विद्या वर दे मोय।'
परीक्षा के दिनों में जहां तनाव के कारण बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है, वहीं दूसरी ओर बच्चों के लिए परीक्षा में अच्छे अंक लाना भी मजबूरी होती है। 
इसी समस्या का समाधान नीचे दिए गए सरल उपायों से हो सकता है। अच्छे अंक पाना चाहते हैं तो जरूर आजमाएं
1 एक थाली में केसर में गंगाजल मिलाकर बनी स्याही से स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। उस पर नैवेद्य चढ़ाएं। सामने शुद्ध घी का दीपक जला कर रखें। मां सरस्वती की स्तुति करें। इसके बाद थाली में जल मिलाकर गिलास में डालकर पी लें। ऐसा करने से शिक्षा के क्षेत्र में पूर्ण उन्नति होती है।
2 जिन बच्चों की स्मरण शक्ति कमजोर हो, उन्हें तुलसी के 11 पत्तों का रस मिश्री के साथ नियमित रूप से दें। आप चाहें तो तुलसी और मिश्री साथ में खि‍ला भी सकते हैं, लेकिन तुलसी के पत्ते अधि‍क हों इसका ध्यान रखें ।
3 परीक्षाओं से पांच दिन पूर्व से बच्चों को मीठा दही नियमित रूप से दें। उसमें समय परिवर्तन करें। यदि एक दिन सुबह 8 बजे दही दिया है तो अगले दिन 9 बजे, उसके अगले दिन 10 बजे, उसके अगले दिन 11 बजे दें। इस क्रिया को दोहराते रहें और प्रतिदिन एक घंटा बढ़ाते रहें।
4 अपने अध्ययन कक्ष में मां सरस्वती का छोटा-सा चित्र लगाएं। पढ़ने के लिए बैठने से पूर्व माता के समक्ष कपूर का दीपक जलाएं अथवा तीन अगरबत्ती जलाकर हाथ जोड़ कर माता से प्रार्थना करें। फिर पढ़ाई शुरू करें।
5. पांच मुखी और ६ मुखी रुद्राक्ष धारण करें। 
6. पढ़ाई की टेबल पर raw muscovite , lapidolite stone rock का टुकड़ा रखे। 
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जल्दी शादी करने के उपाय


जल्दी शादी करने के उपाय
विवाह योग्य लड़के-लड़की की शादी समय पर हो जाए तो उनके माता-पिता और खुद उनकी काफी चिंताएं समाप्त हो जाती है। वैसे तो किसी का विवाह कब होना है इस संबंध में कोई स्पष्ट तिथि नहीं बता सकता। परंतु ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी ग्रह बाधा की वजह से विवाह में विलंब हो रहा हो तो उपाय करें, शीघ्र ही आपके घर शहनाई बजेगी। कुछ ऐसे उपाय हैं जिनके करने से विवाह में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं|यदि किसी अन्य कारण से विवाह नही हो पा रहा है तो आप इन उपायों के माध्यम से लाभ उठा सकते हैं|इससे सबसे पहली बात यह है की आपकी पत्रिका में विवाह योग होना आवश्यक है|आप सर्वप्रथम किसी ज्ञानी से बारीकी से अपनी पत्रिका का अध्यन करवा लें|उनसे यह पता करें विवाह क्यूँ नही हो पा रहा है अगर कोई गृह रूकावट डाल रहा है तो सर्वप्रथम उस गृह की शान्ति आवश्यक है|यदि आपकी पत्रिका के अनुसार कोई गृह ही समस्या दे रहा है,विवाह योग भी है और विवाह नहीं हो पा रहा है तो आप आगे दिए जा रहे उपाय कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं|
विवाह योग्य लोगों को प्रत्येक गुरूवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए|केसर का भी प्रयोग करना चाहिए|
यदि ऐसे लोग गुरूवार को गाय को भोग अर्थात दो आटे के पेड़े पर थोड़ी हल्दी लगाकर थोडा गुड तथा चने की गीली दाल का भोग देना चाहिए|
भूलकर भी बजुर्गों का अपमान न करें|बजुर्ग व्यक्तियों का सम्मान करना चाहिए|
यह प्रयोग शुकल पक्ष के प्रथम गुरूवार से करना चाहिए|गुरूवार की शाम को पांच प्रकार की मिठाई के साथ हरी इलाइची का जोड़ा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिए|यह लगातार तीन गुरूवार करना चाहिए|
गुरूवार को केले के वृक्ष के समक्ष गुरु के १०८ नामों के उच्चारण के साथ शुद्ध घी का दीपक तथा जल अर्पित करना चाहिए|
अब यहाँ आपको ऐसा उपाय बताया जा रहा है जिसका प्रयोग करने से विवाह में कोई भी रूकावट नही आएगी|जिस समय का योग आपकी कुंडली में है,तो विवाह उसी समय होगा|इसके लिए मंगलवार को प्रातः सूर्योदय काल में एक सुखा नारियल लें|३०० ग्राम बूरा यानि पीसी शक्कर तथा ११ रूपए का पंचमेवा मिला लें|नारियल मैं इतना बड़ा छेद करें,जिसमे आपकी ऊँगली जा सके|उसमे पीसी शक्कर व पंचमेवा मिलाकर भर दें,और किसी पीपल के नीचे थोडा गद्दा कर दबा दें|जो शक्कर बच जाये उसे गद्दे के ऊपर ही डालकर एक पत्थर रख दें|जिससे कोई जानवर उसे निकाल न सके|ऐसा आप सात मंगलवार को करें|किसी भी कन्या के लिए इसे लगातार सात मंगलवार करना नामुमकिन है तो अस्वस्थ दिनों में न कर के उसके बाद शुद्ध होने पर पुन:आरम्भ कर सकती है|इस प्रयोग में यह सावधानी रखनी है की सोमवार की रात्रि से मंगलवार प्रयोग होने तक जल नहीं पीना है और किसी से भी बात नहीं करनी है|सात मंगल होने के बाद आप स्वयं ही चमत्कार देखेंगे|
यदि किसी कन्या की पत्रिका में मंगली योग होने के कारण विवाह में बाधा आ रही है तो व कन्या मंगल चंडिका स्त्रोत का मंगलवार तथा शनिवार को सुंदर काण्ड का पाठ करे|इससे भी विवाह बाधा दूर होती है|
शुक्रवार की रात्रि में आठ छुआरे जल में उबाल कर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को प्रात:स्नान करने के बाद किसी बहते जल में प्रवाहित कर दें|यह प्रयोग भी चमत्कारी है|
शीघ्र विवाह के लिए सोमवार को १२०० ग्राम चने की दाल व सवा लीटर कच्चा दूध दान करें|जब तक विवाह न हो ,तब तक यह प्रयोग करते रहना है|इस प्रयोग में आपका विवाह होना आवशयक है|
कन्या जब किसी कन्या के विवाह में जाये और यदि वहन पर कन्या को मेहँदी लग रहे हो तो अविवाहित कन्या कुछ मेहँदी उस कन्या के हाथ से लगवा ले तो विवाह का मार्ग प्रशस्त होता है|
कन्या सफेद खरगोश को पाले तथा अपने हाथ से उसे भोजन के रूप में कुछ दे|यदि विवाह में बुध रूकावट दे रहा हो तो खरगोश को हरी घास खिलाएं|
कन्या के विवाह की चर्चा करने उसके घर के लोग जब भी किसी के यहाँ जायें तो कन्या खुले बालों से,लाल वस्त्र धारण कर हँसते हुए उन्हें कोई मिष्ठान खिला कर विदा करे|विवाह की चर्चा सफल होगी|
पूर्णिमा को वाट वृक्ष की १०८ परिक्रमा देने से भी विवाह बाधा दूर होती है|गुरूवार को वाट,पीपल,केले के वृक्ष पर जल अर्पित करने से विवाह बाधा दूर होती है|
विवाह , प्रेम विवाह , विवाह में रुकावट , विवाह के बाद अनबन , संतान न होना , गृह कलेश आदि सभी समस्याओं के लिए संपर्क करें।
Acharya Anil Verma
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विवाह , प्रेम विवाह , विवाह में रुकावट , विवाह के बाद अनबन , संतान न होना , गृह कलेश आदि सभी समस्याओं के लिए संपर्क करें।

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Vastu SastraVaastu is a Sanskrit Word which means a residence or home plot of land foundation of a house .Vastu Shastras Vaastu (Vastu) in Delhi India are Ancient Manual of architecture. It contains Vastu Vidya Vastu Study. Human civilization started & Human Started Building homes, Vaastu(Vastu) has always most important parts of life. Sometimes we avoid principle of ancient vedic science while constructions. It also can have a very much negative impact on our upcoming life like loss in business; Our Family Members fall sick or suffer from stress because of Vaastu (Vastu) defects in our home. Vaastu is always science of all type of construction which is one of the most important in construction since Vedic or ascent period. Vaastu(Vastu) is always a science of balancing connecting with law of nature ,vaastu(vastu) friendly.

In vaastu(vastu) shastra thinking about internal & external surrounding environments of building. Word Vaastu(vastu) means is Vasa or Vasu. This is always branch of vedic science which majorly deal with basics of all type construction. For Best Vaastu(vastu) Consultancy, you can speak with Expert Vastu Consultant Acharya Anil Verma who helps you to understands right direction for Residential Vaastu (vastu) Delhi India ,Industrial Vaastu (vastu) Delhi India,Commercial Vaastu (vastu) Delhi India, all type of Vaastu (vastu) Solutions.

Vastu Purusha Mandala
Vastu Purusha Mandala most important & associative parts of vastu (vastu) shastra & mathematical design Help us to give best outcome. Metaphysical Plan & Supernatural forces. term "Purusha" connected to soul energy or Universal Principle. 
In Vastu(Vaastu) Purusa Mandala, areas (Padas, Squares) are connected with such as given below:
» North- Kubera- Wealth or Finance
» South- Yama- Related our Life's
» East- Indra- Solar or Seeing the world
» West- Varuna- water- (Physical)
» Northeast (Eshanya)- Ruled by Shiva
» Southeast- Agni- Ruled by the fire - Agni (Energy)
» Northwest- Vayu- winds 
» Southwest- Pitru/Nairutya, Niruthi- Ruled by ancestors (History)
» Center- Brahma- Ruled by the God Who Created of the universe 

Why to Choose Acharya Anil Verma:
Acharya Anil Verma Faiths Vaastu(vastu) is just not theoretical rules or guidelines is always a practical part . He gives customized services to every individual as per requirements or needs, only after considering construction process & objective. Morever he is right combination of Numerology, Astrology &Vaastu (vastu) Shastra which assures you with mental peace of mind .Guru Acharya Anil Verma is Post Graduate in Vaastu(vastu) from Lal Bahadur Sanskrit Vidyapeeth in Delhi Inida. He has also done Diploma from Institute of Vaastu & Joyful Living Surrounding. 

What We are Doing in Vastu?
Acharya Anil Verma puts extra efforts of going for site visit because after site visits he can identified the essential information & blueprints , which is hurting your life or distracting your life's .We also focus on certain facts like: 
» Vibrations come from the site.
» Slope of Floor.
» Shape & Structure of the plots.
» Construction.
» Surrounding withRoads.
» Height of the boundary walls.
» Effect of sunlight & shadows.
» About Doors & Windows.
» Bathroom ,Kitchen & Balcony Position 
» Placing Mandir(Small Temple in Home)
» Types of Vaastu(vastu) Remidies-

Residential or Home Vaastu(vastu) Start from foundation & land testing , direction, slope, puja archna, all rooms, kitchen positions , bedroom position, drawing room or living room position ,guest room position, bathroom position, lobby position ,toilets position, windows position, doors position ,colors on walls n doors ,slope, stairs position, worship room position, storeroom position etc. also done Vaastu shanti ,grah parvesh muhurat & puja.

Commercial Vaastu(Vastu) Commercial Offices , Commercial Mall or all types shops , Commercial showrooms , Commercial malls, Commercial institutions, hotels, restaurants, clinics, hostels, banks, marriage halls, banquet halls Etc
Industrial Vaastu(vastu) all type Industries small or big industries factories ,go downs. focus on machinery position & direction , facing or sitting of workers work station, vastu position of raw martial & ready material , management office work place or work stations ,director rooms, public dealing rooms etc .
Eclectic & Generator Room Direction, Direction of sun energy comes in factories ,magnetic field & complete balance of panchmahaboot & directions.
We always divided the consulting process into different sections. Acharya Anil Verma makes all clients feel comfortable Because of a frank nature connective interaction without leavening client personal space, If you feel any kind of disturbances at your home because of Vaastu(vastu) Dosh & we can give Remedies & Advice over the phone or email in that case you can pay us by online transfer money.
Astrologer Anil Verma Expert in Vastu(Vaastu) Shastra like home Vastu(Vaastu), bathroom & kitchen Vastu(Vaastu), Flat Vastu(Vaastu),Polt Vastu(Vaastu), Commercial & Residential Vastu(Vaastu), Office Vastu(Vaastu), Institute Vastu(Vaastu), all type of Vastu(Vaastu) solutions